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4 Real Gym Motivation Story | Most Powerful Gym Motivation Success Story


4 Real Gym Motivation Story | Most Powerful Gym Motivation Success Story

4 Real Gym Motivation



Gym जाना चाहते हो लेकिन जा नहीं पाते, Body बनाना चाहते हो लेकिन बना नहीं पाते, मुझे नहीं पता आपके पास बहाने है या कोई मजबूरी है | लेकिन Body बनाना जरूरी है अगर सच में बॉडी बनाना चाहते हो तो ये ब्गलॉग गलती से भी मिस मत कर देना क्योंकि आज के ब्गलॉग में मैं आपको बॉडीबिल्डिंग वो 4 Real Gym Motivation Story

बताने वाला हु | जीने सुनने के बाद कोई भी बहाना, कोई भी मजबूरी आपको body बनाने से नहीं रोक पाएंगे |




1. तो चलिए सुनते आहे पाहिले real gym motivation story :-




3 फुट 3 इंच के विकलांग इंसान से क्या उम्मीद कर सकते हैं | जिसका वजन सिर्फ 43 किलो था | 22 अक्टूबर 1995 को जन्मा महाराष्ट्र का यह बंदा बचपन से ही आर्मी में जाने का सपना देख चुका था | लेकिन जैसे-जैसे यह बड़ा होता गया इसे समझ में आया कि आर्मी में हैंडीकैप लोगों के लिए कोई जगह नहीं है | 

 इसलिए 2011 में मात्र 16 साल की उम्र ही उसने थान लिया कि आप मुझे बॉडीबिल्डिंग करनी है | विकलांग होने की वजह से दोस्त रिश्तेदार यहाँ तक की उसके पेरेंट्स भी उसे बॉडीबिल्डिंग करने से मना कर दिया बेटा ये बहुत मुश्तुकिल है तू मसे नहीं हो पाएगा | लेकिन उस बंदे ने अपने दिल की सुनी और अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाने का फैसला किया | 

2011 में मात्र 16 साल की उम्र में उसने जिम जाना शुरू कर दिया और 2016 में उसकी जीत रंग लाई जब उसने पहली बार प्रोफेशनल बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप जीती और उसका परिवार भी उसका साथ उसका साथ देने लगा | दोस्तों अब तक ये बंदा 40 से भी जादा बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप हिस्सा ले चुका है जिसका नाम है प्रतीक मोहित जिसके नाम दुनिया का सबसे छोटा बॉडीबिल्डर होने का रिकॉर्ड है | शरीर से विकलांग आदमी योद्ध जीत सकता है | लेकिन जो दिमाग से विकलांग है वो कुछ नहीं कर सकता |




2. तो चलिए सुनते आहे दूसरी real gym motivation story : -




11 नवंबर 1987 को एक ऐसे ही जिद्दी इंसान का जन्म पंजाबी हुआ जिसने सिर्फ 11 साल की उम्र में ठान लिया के उसे बॉडी बिल्डर बनना है | उसने यह बात अपने family बताया तो family ने मना कर दिया | फिर उसके बाद भी उसने जिम ज्वाइन किया जिसके लिए जिसके लिए उसे सिर्फ ₹100 मिली जो सिर्फ 1 महीने के gym की fees थी | उसके बाद 2 महीने या 11 साल की उम्र में मिस्टर गोल्डन का टाइटल जीता | लेकिन जिंदगी कुछ और ही मंजूर था | जब वह 15 साल का था | 

एक दिन उस back में बहुत तेज पेन हुआ डॉक्टर ने कहा कि इससे कैंसर है | अगर 1 महीने में ऑपरेशन नहीं हुआ तो इसकी जान जा सकती है | उसका ऑपरेशन करवाया गया जान तो बच गई लेकिन जब डॉक्टर ने उसे कहा कि तुम्हारे पैर पैरालाइज हो चुके हैं अब तुम्हें पूरी जिंदगी भर गुजारनि है | तो उस बंदे की आंखों से आंसू गिरने लगे क्योंकि उसे लगा कि उसका सपना टूट चुका है लेकिन जो जिद्दी होते हैं उनके सपने टूटते नहीं है | 

क्योंकि बुरे से बुरे हालातों में भी आगे बढ़ने की हिम्मत रखते हैं भले ही उसके पैर काम नहीं कर रहे थे लेकिन उसके बावजूद उसने अपने दोस्त की हेल्प से वापस gym जाना शुरू कर दिया | और आपको जानकर हैरानी होगी कि उस बंदे ने इतनी मेहनत की वो12 बार मिस्टर पंजाब जीता 4 बार मिस्टर इंडिया का खिताब जीता 9 बार north इंडिया का खिताब जीता और भी न जाने कितने बॉडीबिल्डिंग कंपटीशन उसने व्हीलचेयर पर ही जीत लीये | दोस्तों इंसान का नाम है आनंद अर्नाल्ड जो इंडिया का पहला व्हीलचेयर बॉडीबिल्डर है | जिसकी life पर एक किताब भी लिखी गई है जिसका नाम है वेट लाइव स्टोरी ऑफ कर एंड डिटरमिनेशन [Weightless: A True Story of Courage and Dinspiration]






3. तो चलिए सुनते आहे तीसरी real gym motivation story :-




ऐसी ही कहानी है दिल्ली के एक लड़के जब ओ १२ th में था उसका वजन 42 किलो क्यों की उसे ulcer था १२ th pass करके जब ओ college में गया तो उसकी दुबले पतले शरीर की वजह से उसके बहोत मजाक बना इसलिय उसने gym जानेकी सोची लेकिन gym की fees भरने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे इसलिए उसने इसके बदले उसी gym में नौकरों की तरह काम किया फिर उसने पूरी body bulding करने का सोचा | 

लेकिन उसके लिए उसे सप्लीमेंट्स की जरूरत थी और उतने पैसे उसके पास नहीं थे क्यों सप्लीमेंट्स ले सके | क्योंकि उसकी मां उसे सिर्फ ₹35 ही दे पाती थी जिसमें से ₹30 उसकी डाइट (diet) थी बस का टिकट लेने के लिए पैसे उसके पास नहीं होते थे | इसलिए कई बार बीच रास्ते में उतार दिया जाता था | 

ऐसी बहुत सी प्रॉब्लम्स का सामना करते हुए वह आगे बढ़ता रहा और ऐसी बॉडी बनाई कि बॉडीबिल्डिंग कंपटीशन में वह बंदा अब तक 25 मेडल जीत चुका है उस बंदे का नाम है हर्षित पांडे और आपको जानकर हैरानी होगी कि वह सारे मेडल्स गोल्ड मेडल है जिस दिन आपने ठान लिया कि मुझे भीड़ से अलग दिखना है उस दिन कोई मजबूरी कोई बहाना आपको जिम में पसीना बहाने से नहीं रोक पाएगा | क्योंकि ऐसे बहुत से example है जिनके पास बहाने नहीं थे |






4. तो चलिए सुनते आहे चौथी real gym motivation story :-




एक और एग्जांपल सुनो 25 दिसंबर 1982 को जन्मा सहारनपुर उत्तर प्रदेश का एक लड़का जिसका दुबले पतले शरीर की वजह से हॉस्टल में खूब मजाक बनाया गया | तभी उसने body बनाने की ठानी और 16 साल की उम्र में gym जाना शुरू कर दिया दूसरे सिम में लगे बॉडीबिल्डर्स को देखकर अपने coch से पूछा कि यहां पर मेरा पोस्टर कब लगाओगे तो coch ने जवाब दिया कि तुम वर्ल्ड चैंपियन बन जाओगे तब | फिर क्या था 

उस बन्दे ने 8 -8 घंटे जिम में पसीना बहाया 2004 में इंडिया का खिताब जीता लेकिन एक दिन वर्कआउट करते हुए उसे ऐसी चोट लगी कि वह 18 महीनों तक बेड पर पड़ा रहा और हर कहानी की तरह इसमें भी डॉक्टर ने कहा कि तुम आप वर्कआउट नहीं कर पाओगे क्योंकि तुम्हारा राइट लेग हाफ पैरालाइज हो चुका है | 

 लेकिन उस बंदे ने भी हार नहीं मानी उसने ₹2500 महीने में ट्रेन की नौकरी की और उसी के साथ साथ उसकी हालत सुधर नहीं लगी उसने फिर से अपना बॉडीबिल्डिंग का करियर शुरू किया और 2010 में को फिर से मिस्टर इंडिया बन गया दोस्तों से इंसान का नाम है यतेन्द्र सिंह जीस ने 2015 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता और 2016 में फिर से मिस्टर इंडिया बन गया problems हर किसी की लाइफ में आती है और आप किसी success इसी बात पर डिपेंड करती है कि आपको प्रॉब्लम के साथ कैसे डील करते हो |


Conclusion  :-  एक तो बहाने मरना छोड़ो और अपनी बॉडी को नया आकार देना चाहते हो आज से ही gym workout शुरु कर दो |





tags:- Most Powerful Gym Motivation Success Story | best bodybuilding motivation in Hindi


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